Ad Code

Responsive Advertisement

" प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में नमामि गंगे के तहत छह परियोजनाओं का किया लोकार्पण "

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तैयार छह परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण किया। देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा सफाई का अभियान मोदी सरकार के लिए शुरुआत से ही काफी अहम रहा है। इसके अलावा, उन्होंने हरिद्वार के चंडीघाट में निर्मित 'गंगा अवलोकन' संग्रहालय का भी डिजिटल लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मां गंगा की निर्मलता सुनिश्चित करने वाले छह बडी परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है जिनमें एसटीपी और म्यूजियम जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा हमारी विरासत का प्रतीक है, गंगा देश की आधी आबादी को समृद्ध करती है। कृषि कानून के खिलाफ देश में हो रहे विरोध को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान जिनकी (ट्रैक्टर) पूजा करता है उसे ही आग लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून का विरोध करने वाले किसानों को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया। चार वर्ष पहले का यही तो वो समय था, जब देश के जाबांजों ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंक के अड्डों को तबाह कर दिया था। लेकिन ये लोग अपने जांबाजों से ही सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे थे। सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध करके, ये लोग देश के सामने अपनी मंशा साफ कर चुके हैं।


वर्षों तक ये लोग कहते रहें कि एमएसपी लागू करेंगे, लेकिन किया नहीं। एमएसपी लागू करने का काम स्वामीनाथन कमीशन की इच्छा के अनुसार हमारी ही सरकार ने किया। विरोध करने वाले किसानों को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं, किसान जिनकी पूजा करता है उसे ही आग लगाई जा रही है। अब से कुछ दिन पूर्व देश ने अपने किसानों को अनेक बंधनों से मुक्त किया है। अब देश का किसान कहीं पर भी, किसी को भी अपनी उपज बेच सकता है।

 

लेकिन आज जब केंद्र सरकार किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं कि किसान की गाड़ियां जब्त होती रहे, उनसे बिचौलिए मुनाफा कमाते रहे। प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों का विरोध करने वालों को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा '' जो लोग कृषि सुधार कानूनों का विरोध कर रहे हैं वे नहीं चाहते कि किसानों को खुले बाजार में अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता मिले। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे लोग किसानों के खिलाफ हैं, वे चाहते हैं कि बिचौलिये पनपें।''

 

 


Post a Comment

0 Comments