Ad Code

Responsive Advertisement

"नवाज शरीफ का बड़ा बयान, कहा- पाकिस्‍तान को FATF ब्लैकलिस्ट में डाला जाना तय"

 


दुनियभार के आतंकियों के लिए स्वर्ग बन चुके पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान जल्द ही एफएटीएफ (FATF) की कालीसूची (ब्लैकलिस्ट) में डाला जा सकता है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने खुलेआम इस बात की तकरीर की है कि देश एफएटीएफ द्वारा कालीसूची (ब्लैकलिस्ट) में डाले जाने के कगार पर है, क्योंकि इसे सैन्य नेतृत्व द्वारा बाहरी मुद्दों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। नवाज शरीफ का यह बना इमरान खान सरकार के लिए झटके जैसा है।


आपको बता दें कि नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरा कार्यकाल 2013 से 2017 के दौरान पाकिस्तानी जनरलों के गुस्से को बढ़ा दिया था, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि वह (शरीफ) उन इस्लामिक आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करें जो भारत और अफगानिस्तान में सीमा पार से आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे थे। नतीजतन, शरीफ को आखिरकार पद छोड़ना पड़ा। इस्लामाबाद से रायटर की एक रिपोर्ट में शरीफ के हवाले से कहा गया है कि 'जब हमने बताया कि हमारे मित्र देश हमें बाहरी मुद्दों पर हमारी भागीदारी के बारे में चेतावनी दे रहे हैं, जो कि सेना के इशारे पर किए जा रहे थे, तो हम पर हमला किया गया और इसे एक घोटाले में बदल दिया गया।'


दरअसल रविवार को लंदन से एक वीडियो लिंक के माध्यम से पाकिस्तानी विपक्षी दलों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। नवाज शरीफ ने आगे कहा कि 'अब पाकिस्तान को एफएटीएफ जैसे प्लेटफार्मो द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश के शर्म से निपटना होगा।'


शरीफ का बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान अगले महीने होने वाली बैठक में एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्टेड किए जाने से बचने की कोशिश कर रहा है। फरवरी में एफएटीएफ की बैठक में, पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण मानदंडों का पालन करने के लिए अतिरिक्त चार महीने का समय लिया था, लेकिन चेतावनी दी गई थी कि अगर यह अनुपालन करने में विफल रहा तो उसे कालीसूची में डाल दिया जाएगा।

एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्ट में शामिल किए जाने पर पाकिस्तान को उसी श्रेणी में रखा जाएगा जिसमें ईरान और उत्तर कोरिया को रखा गया है और इसका मतलब यह होगा कि वह अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों जैसे आईएमएफ और विश्व बैंक से कोई ऋण प्राप्त नहीं कर सकेगा। इससे अन्य देशों के साथ वित्तीय डील करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।


इमरान के बड़बोले मंत्री ने नवाज शरीफ को कहा- भारत का एजेंट :



इमरान खान के बड़बोले रेलमंत्री शेख रशीद ने कहा है कि नवाज शरीफ भारत के एजेंट हैं और नरेंद्र मोदी को देश के बाहर जाकर फोन करते हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कहा है कि नवाज शरीफ ने देश की सेना की आलोचना करके भारत का पक्ष लिया है।


रशीद ने कहा कि नवाज शरीफ को यह बताना चाहिए कि उन्होंने कितनी ओसामा बिन लादेन से मुलाकात की और उन्हें कतर से कितना दान मिला था। एक ही झटके में रशीद ने नवाज शरीफ को भारत का एजेंट तक करार दे दिया। ध्यान देने वाली बात है कि शेख रशीद ने नवाज शरीफ पर यह आरोप ऐसे समय पर लगाया है जब विपक्षी दलों के पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ मुलाकात का मामला गरम होता जा रहा है। बता दें कि यह वह रशीद हैं, जो अपने ऊटपटांग और विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं, पिछले साल भारत में उनका काफी मजाक तब बन गया था जब एक जलसे के दौरान बोलते हुए उनको माइक से बिजली का करंट लग गया था। दरअसल, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम ले रहे थे। इसके बाद उन्होंने हास्यास्पद बयान दिया था कि उन्हें करंट लगने के पीछे भारत का हाथ है। उसके पहले वह अपने भाषण में भारत को खुली धमकी दे रहे थे- 'अगर पाकिस्तान पर भारत ने हमला किया तो कन्वेन्शन वॉर की कोई गुंजाइश नहीं होगी। यह खूनी और आखिरी जंग होगी और ऐटमी जंग होगी। हमारा हथियार कैलकुलेटेड, छोटा, परफेक्ट और निशाने पर है। असम तक टार्गेट कर सकता है। पाकिस्तान के पास कन्वेन्शन जंग की गुंजाइश कम है।'

 


Post a Comment

0 Comments