छात्रों को अपने माता-पिता से लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद ही कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि स्कूल अगले सप्ताह से छात्रों की उपस्थिति के साथ फिर से शुरू होंगे और प्रत्येक दिन 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ विभिन्न शिफ्टों में चलेंगे। कक्षा 9 और 10 के लिए पहली पाली और कक्षा 11 और 12 के लिए दूसरी पाली होगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए एसओपी भी जारी किए हैं। जिसमें सभी शिक्षकों, छात्रों और श्रमिकों के लिए फेस मास्क का उपयोग आवश्यक है। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि ऑनलाइन सीखने को जारी रखने और प्रोत्साहित करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन छात्रों को कॉल करने के लिए वरीयता दी जाएगी जो ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हैं।
वहीं दूसरी ओर, व्यक्तिगत रूप से कक्षाएं केंद्र के गृह मामलों के मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों के तहत संचालित की जाएंगी। दिशानिर्देशों के अनुसार, कक्षाएं दो पारियों में चलेंगी। स्कूल जाने के लिए विद्यार्थी को माता-पिता से लिखित सहमति की आवश्यकता होगी।
इनका करना होगा पालन
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स्कूलों को गेटों, कक्षाओं और वॉशरूम के पास नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराने की आवश्यकता होगी। फेस मास्क अनिवार्य रूप से पहनना और छात्रों के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना सुनिश्चित करना होगा। स्कूलों में एक कक्षा में छात्रों की एक निर्दिष्ट संख्या से अधिक नहीं होने चाहिए और सुबह की प्रार्थना सभाओं की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को कोई टिफिन और पानी की बोतल साझा नहीं करने दिया जाएगा। 2 अक्टूबर को गृह मंत्रालय ने 'अनलॉक 5' के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे, उसी के तहत प्रदेशभर में ये स्कूल खोले जा रहे हैं।
एसओपी के अनुसार, दो छात्रों के बीच बैठने की व्यवस्था में एक दूसरे से 6 फीट की दूरी होनी चाहिए। हालाँकि, स्कूलों के खुलने से पहले उचित साफ-सफाई की जाएगी और यह अभ्यास प्रत्येक पाली से पहले अनिवार्य है। स्कूलों में सैनिटाइज़र, हाथ धोने, थर्मल स्कैनिंग और प्राथमिक चिकित्सा होनी चाहिए।


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