बिहार में अक्तूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी जारी है। वहीं, मतदान से पहले नए सियासी समीकरण बन रहे हैं और उन्हें बिगाड़ने का सिलसिला भी बरकरार है। वहीं, पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी, चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी, बीएमपी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने मिलकर नए गठबंधन की नींव रखी है। इस गठबंधन को 'प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस' (पीडीए) नाम दिया गया है।
इस गठबंधन की घोषणा करते हुए पप्पू यादव ने कहा, बिहार को किस तरह जंगलराज से मुक्त करना है, उसे ध्यान में रखते हुए इस गठबंधन की नींव रखी गई है। जब उनसे कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, कांग्रेस को अपमानित होने की आदत हो गई है। हमने कई बार उनसे कहा कि हमारे साथ आइए, आपका स्वागत है।
पप्पू यादव ने कहा कि आज नीतीश जी को कभी ऐश्वर्या, तो कभी सुशांत याद आते हैं। इसके अलावा वह रघुवंश बाबू को भी याद कर लेते हैं। उन्होंने कहा, चंद्रशेखर जी बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए आए हैं। हम उपेंद्र कुशवाहा जी, चिराग पासवान जी और कांग्रेस का भी स्वागत करते हैं। भाजपा शिखंडी का रोल अदा कर रही है।
बिहार में किस जिले में किस चरण में होगा मतदान :
पहले चरण यानी 28 अक्तूबर को बांका, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर जिले के लिए मतदान होगा।
दूसरे चरण यानी तीन नवंबर को गोपालगंज, सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीवान, सारण, पटना, वैशाली, नालंदा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर जिले के लिए मतदान होगा।
तीसरे चरण यानी सात नवंबर को पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज जिले के लिए मतदान होगा।
सात करोड़ मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग :
29 नवंबर को बिहार विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार मतदान केंद्रों की संख्या और मैनपावर को बढ़ाया गया है। बिहार में
2020 के चुनाव में सात करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसमें महिला मतदाताओं की संख्या तीन करोड़ से अधिक है।
अर्धसैनिक बलों की 300 कंपनियां बिहार भेजेगा केंद्र :
बिहार में तीन चरणों में होने वाले चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 300
कंपनियां भेजने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में शामिल सीआरपीएफ की 80,
बीएसएफ की 55,
एसएसबी की 70,
सीआईएसएफ की 50,
आईटीबीपी की 30 और आरपीएफ की 15 कंपनियां जल्द ही बिहार में तैनात होंगी।
गौरतलब है कि एक कंपनी में 100
जवान होते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सीएपीएफ और आरपीएफ को विभिन्न यूनिटों और सीमा से जवानों को हटाकर बिहार चुनाव के लिए तैनात करने का आदेश दे दिया है।


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